जल-जीवन-हरियाली, नशामुक्ति, बाल विवाह एवं दहेज प्रथा उन्मूलन के खिलाफ बिहार में रविवार को पूर्वाह्न 11.30 बजे से 12 बजे तक विश्व की सबसे बड़ी मानव श्रृंखला बनाई गयी. करीब 4.27 करोड़ से अधिक लोगों ने एक-दूसरे का हाथ थामे आधे घंटे तक लगभग 16400 किलोमीटर खड़े रहकर विश्‍व रिकार्ड बनाया. मानव श्रृंखला का मुख्‍य कार्यक्रम पटना के गांधी मैदान में हुआ, जहां मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार और उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के नेतृत्‍व में लगभग पूरी सरकार खड़ी थी. इसमें यूनाइटेड नेशंस के प्रतिनिधि अतुल बगाई भी उपस्थित थे. गांधी मैदान में मानव श्रृंखला बिहार के नक्शे पर बनाई गई. राज्य सरकार मानव श्रृंखला का डाक्यूमेंटेशन प्रमाण स्वरूप वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज कराने वाली अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं को देगी. मानव श्रृंखला के अवलोकन हेतु लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड और गिनीज बुक ऑफ वर्ल्‍ड रिकॉर्ड्स के प्रतिनिधियों को भी आमंत्रित किए गया था साथ ही इसके डाक्यूमेंटेशन के लिए 15 हेलीकॉप्टर एरियल फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कर रहे थे. इसके पूर्व 2017 में शराबबंदी अभियान को सफल बनाने के लिए बिहार में 11292 किमी लंबी मानव श्रृंखला बनाई गई थी. बिहार ने 2018 में दहेज प्रथा एवं बाल विवाह के खिलाफ 13654 किमी लंबी मानव श्रृंखला बनाकर अपना ही पुराना विश्‍व रिकार्ड तोड़ा था. इस बार तमाम जगहों से प्राप्त सूचनानुसार मानव श्रृंखला की कुल लंबाई 16419 किलोमीटर रही है. इसमें मुख्य मार्गों पर 4973 Km, उप मार्गों पर 10391 Km तथा अन्य मार्गों पर 285 किमी लंबाई रही. 4.27 करोड़ से अधिक लोगों की संख्या दुनिया के 192 देशों की आबादी से अधिक है. इस अवसर पर मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि जल व हरियाली है, तभी जीवन सुरक्षित है. जल-जीवन-हरियाली अभियान के लिए मैंने पूरे राज्‍य की यात्रा की और पाया कि लोगों में पर्यावरण को लेकर जागरूकता आई है जो काफी प्रसन्‍नता का विषय है. मैं पर्यावरण के लिए निरंतर अभियान चलाता रहूँगा. क्योंकि हम पर्यावरण को नहीं समझेंगे तो काफी बड़ा नुकसान हमारा ही होगा. उन्‍होंने मानव श्रृंखला को सफल बनाने के लिए बिहार की जनता को धन्यवाद भी दिया. उप मुख्‍यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि जल-जीवन-हरियाली बचाने के लिए बिहार के जिन करोड़ों लोगों ने मानव शृंखला बनायी, उसके लिए सबका आभार. यह श्रृंखला भले ही प्रतीक रूप में मात्र 30 मिनट की रही लेकिन इसका संदेश गहरा होगा. अब शासन की सभी विकास योजनाएं जल-जीवन-हरियाली को ध्यान में रखकर ही लागू की जाएँगी. मानव श्रृंखला के दौरान राज्य के सभी पौराणिक, ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्व के स्थलों बोधगया, विद्यापति नगर (समस्तीपुर), जानकी स्थल (सीतामढ़ी), भितरहवा के गांधी आश्रम और लखनसेन बड़हरवा, जहां महात्मा गांधी ने बुनियादी विद्यालय की स्थापना की थी और केसरिया (बौद्ध स्तुप) समेत अन्य पौराणिक व सांस्कृतिक महत्व के स्थलों को भी जोड़ा गया था. मानव श्रृंखला के दौरान सरकार ने सुरक्षा और ट्रैफिक की चाक-चौबंद व्यवस्था की थी. इसके मद्देनजर मुख्य सचिव दीपक कुमार और डीजीपी गुप्तेश्वर पाण्डेय ने सभी जिलों को विशेष हिदायतें दे रखीं थीं. इस दौरान हर जिले में आकस्मिक सेवाओं को बहाल रखा गया. मानव श्रृंखला के दौरान एम्बुलेंस, चिकित्सकों की टीम, पेयजल हेतु वाटर टैंकर के अलावा चलंत और अस्थायी शौचालयों के भी इंतजाम किए गए.
loading…
Loading…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *