हर मैच में एक नई कामयाबी अपने नाम करने वाले विराट कोहली इस टेस्ट सीरीज में इतिहास रचने की दहलीज पर खड़े हैं तो उनके धुरंधरों ऋषभ पंत, चेतेश्वर पुजारा तथा केएल राहुल ने सिडनी टेस्ट समाप्त होने के पूर्व ही दुनिया भर के दिग्गजों के दिल और दिमाग में अपने साथ- साथ भारत के लिए अकूत इज्जत बटोर ली है. सिडनी टेस्ट जीतते ही विराट कोहली वो पहले भारतीय कप्तान बन जाएंगे जिनके नेतृत्व में टीम इंडिया ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीतेगी. सिडनी टेस्ट में कोहली मात्र 23 रन बनाकर आउट हो गए फिर भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे तेज 19000 रन बनाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बन गए. उन्होंने 399 पारियों में ये कमाल किया, इससे पहले सबसे तेज 19000 रन सचिन तेंदुलकर ने 432 पारियों में बनाया था. अब विराट के नाम 357 अंतरराष्ट्रीय मैचों की 399 पारियों में 56.24 की औसत से 63 शतक और 87 अर्धशतक के साथ 19012 रन हो गए हैं. इसमें वनडे क्रिकेट में 10232, टेस्ट में 6613 रन और अंतराष्ट्रीय टी-20 में 2167 हैं. ऋषभ पंत ने इस मैच में शतक ठोंक इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया. वह ऑस्ट्रेलियाई जमीन पर शतक लगाने वाला भारत का ही पहला विकेटकीपर नहीं बना वरन इसी के साथ उपमहाद्वीप के बाहर सबसे बड़ी पारी (नाबाद 159) खेलने वाले एशियाई विकेटकीपर भी बने. पहले यह रिकॉर्ड बांग्लादेश के मुस्ताफिजुर रहीम ने 2017 में न्यूजीलैंड के वेलिंगटन में 159 रनों की ही पारी खेल बनाई थी. पंत एक सीरीज में 200 से अधिक रन बनाने और 20 से अधिक कैच लेने वाले भी एशिया के पहले विकेटकीपर बन गये. पंत ने ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ मात्र 21 साल 91 दिन की उम्र में शतक बना भी एक रिकार्ड बनाया, पहले जिंबाब्‍वे के तातेंडा ताइबू ने 2005 में बांग्‍लादेश के खिलाफ 21 साल 245 दिन की उम्र में शतक ठोका था. पंत की यह पारी भारतीय विकेटकीपर की तीसरी सबसे बड़ी पारी है. इसके पहले महेंद्रसिंह धोनी ने 2013 में ऑस्‍ट्रेलिया के खिलाफ चेन्‍नई में 224 और बुधी कुंदरन ने भी चेन्‍नई में ही 1964 में 192 रन की पारी खेली थी. रवींद्र जडेजा (81) के साथ पंत की सातवें विकेट के लिए 204 रनों की साझेदारी भारत के लिए सातवें विकेट के लिए आस्ट्रेलिया में की गई सबसे बड़ी और ओवर आल सातवें विकेट के लिए दूसरी सबसे बड़ी साझेदारी है. इससे पहले वीवीएस लक्ष्मण और अजय रात्रा ने 2002 में वेस्टइंडीज में सातवें विकेट के लिए 217 रनों की साझेदारी की थी. ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग ने पंत की तारीफ करते हुए उन्हें दूसरा एडम गिलक्रिस्ट बताया. साथ ही कहा कि वह वास्तविक प्रतिभा का धनी है और गेंद पर अच्छी तरह से प्रहार करता है. मैं भाग्यशाली हूँ जो दिल्ली (कैपिटल्स) में उसका कोच हूँ. वहीं महान क्रिकेटर इयान चैपल ने पुजारा को विराट साम्राज्य का सबसे अनमोल रत्न बताते हुए कहा कि 7 पारियों में 1867 मिनट तक क्रीज पर रह, 1258 गेंदों का सामना कर 521 रन बनाने के दौरान उसने अकेले ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों को थकाने और साथी खिलाड़ियों को आक्रामक होने का मौका दिया. चेतेश्वर पुजारा विदेशी जमीन पर अपने पहले और कुल चौथे दोहरे शतक से चूक गए पर इसके बावजूद उन्होंने कई रिकॉर्ड अपने नाम किए. 150 रन पूरे करते ही पुजारा 5वे भारतीय बल्लेबाज बन गए, जिन्होंने सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर 150 से ज्यादा रन बनाए हैं. सचिन तेंदुलकर (241, 154), वीवीएस लक्ष्मण (178, 167), रवि शास्त्री (206) और सुनील गावस्कर (172) ने इसके पूर्व यह किया था. पुजारा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एक सीरीज में सबसे अधिक शतक लगाने वाले बल्लेबाजों की सूची में कोहली और गावस्कर के बाद तीसरे स्थान पर आ गये. पुजारा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ किसी टेस्ट मैच के पहले दिन सबसे अधिक रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाजों की सूची में छठे स्थान पर आ गए, मेलबर्न में 2003 में खेले गए मैच के पहले दिन 195 रन बनाने वाले वीरेंद्र सहवाग सबसे ऊपर हैं. पुजारा के शानदार प्रदर्शन (7 पारियों में 74.42 की औसत से 521 रन) से BCCI भी काफी खुश है. अब विराट कोहली, रोहित शर्मा, जसप्रीत बुमराह, भुवनेश्वर कुमार और शिखर धवन के साथ ही उन्हें भी ए प्लस श्रेणी में रखा जा सकता है. पुजारा अभी 5 करोड़ वाली श्रेणी ए में हैं. टीम इंडिया में कोहली (25) के बाद सर्वाधिक टेस्ट शतक (18) लगाने वाले दूसरे टेस्ट क्रिकेट स्पेशलिस्ट बल्लेबाज पुजारा को इस बार भी IPL नीलामी में किसी फ्रेंचाईजी ने नहीं लिया था. केंद्रीय अनुबंध में ऋषभ पंत को भी जगह मिलने की पूरी सम्भावना है, जिन्हें इस वर्ष अनुबंध नहीं दिया गया है. पंत और चेतेश्वर पुजारा की शानदार पारियों से सिडनी क्रिकेट ग्राउंड ऑनर बोर्ड पर भी इन दोनों खिलाड़ियों का नाम दर्ज हो गया. दोनों ने ऑनर बोर्ड पर अपने साइन किए. केएल राहुल अपने बल्ले से भले ही इस सीरीज़ में रंग नहीं जमा सके हों पर मैच के तीसरे दिन का खेल शुरू होने के बाद 5वें ओवर में ही उन्होंने ऐसी मिसाल पेश की जो यदा- कड़ा ही देखने को मिलता है और जिसने वास्तव में आज भी क्रिकेट को जैंटलमैन गेम बनाये रखा है. उनके इस शानदार खेलभावना की पुरे क्रिकेट जगत में जमकर तारीफ हो रही है. उनके इस रवैये पर फील्ड अंपायर इयान गोल्ड बीच मैदान पर उनकी तारीफ करने से अपने को नहीं रोक पाए और तालियां बजाते हुए कहा- ‘शानदार’ और सारे ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी अचंभित भाव से देखते रह गए. तीसरे दिन शुरु में ही भारतीय टीम को विकेट की तलाश थी, तभी रविन्द्र जडेजा की फ्लाइटेड गेंद पर ओपनर मार्कस हैरिस ने मिड ऑन की तरफ एक तेज़ प्रहार वाला शॉट मारा. राहुल ने अपनी बेहतरीन फील्डिंग का नजारा प्रस्तुत कर डाइव लगाते हुए कैच को लपकने का शानदार प्रयास किया. वो गेंद को पकड़ने में कामयाब भी रहे लेकिन गेंद उनसे नाम मात्र आगे गिर गई, तब बल्लेबाज़ हैरिस, तमाम फील्डर्स, गेंदबाज़ और अंपायर तक को लगा कि राहुल ने बेहतरीन कैच पकड़ते हुए हैरिस को आउट कर दिया. लेकिन राहुल ने उठते ही बिना देर किए ये इशारा किया कि हैरिस आउट नहीं हैं. मैच के दूसरे दिन भारत की पहली पारी के 102वें ओवर में हनुमा विहारी (42) को नाथन लियोन की गेंद पर मैदानी अंपायर इयान गोल्ड द्वारा कैच आउट दिया जाना विवादास्पद रहा. विहारी का कैच शॉर्ट लेग पर मार्नस लाबुशेन ने पकड़ा था, तुरंत हनुमा ने DRS लिया. बल्ले के ऊपर गेंद की परछाई पड़ती दिख रही थी, जिससे स्पष्ट था कि गेंद बल्ले से दूर है. TV अंपायर ने काफी देर लगाई, बहुत से एंगल से देखा, लेकिन कहीं भी स्पष्ट नहीं दिखा कि बल्ला गेंद से लगा है. फिर भी थर्ड अंपायर ने मैदानी अंपायर के फैसले को नहीं बदला. विहारी को आउट देना कई दिग्गजों ने विवादित बताया. ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान माइकल क्लार्क ने भी कहा कि विहारी को आउट नहीं दिया जाना चाहिए था. खुद नाथन की अपील में भी वो जोश नहीं था जो प्राय होता है. माइकल हसी ने कहा कि ये काफी विवादित था. मुझे लगता है कि बल्ला गेंद से नहीं लगा. मैच के पहले दिन जब भारतीय कप्तान विराट कोहली बल्लेबाजी के लिए मैदान पर उतरे तो ऑस्ट्रेलियाई दर्शकों ने उनकी हूटिंग की. इससे पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान रिकी पोंटिंग तक नाराज हो गए और इसे अपमानजनक बताया. पोंटिंग ने कहा कि दर्शक हूटिंग कर रहे थे तो यह बहुत अपमानजनक है. मैंने पर्थ में भी कहा था कि सम्मान करना सीखो. पर्थ टेस्ट में भी दर्शकों ने कोहली के खिलाफ शोर मचाया था. 2012 में भी सिडनी क्रिकेट ग्राउंड पर टेस्ट के दौरान कोहली की हूटिंग हुई थी, जिसके बाद उन्होंने दर्शकों की तरफ उंगली दिखाई थी और इसे अभद्रता मानते हुए मैच रेफरी ने कोहली के मैच फीस का 50% हिस्सा काट दिया था.
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