टीम इंडिया के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मेलबर्न टेस्ट मैच के तीसरे दिन घातक गेंदबाजी करते हुए 6 विकेट लेकर 39 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है. तो वहीं उसके बाद टीम इंडिया के 3 नंबर से 6 नंबर तक के बल्लेबाजों ने मात्र 6 रन बनाकर 72 साल पुराने शर्मनाक भारतीय रिकॉर्ड की बराबरी कर दी. टीम इंडिया के स्टार तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मेलबर्न टेस्ट मैच के तीसरे दिन घातक गेंदबाजी करते हुए 15.5 ओवर की गेंदबाजी में 33 रन देकर 6 विकेट झटके. उनके इस प्रदर्शन ने ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 151 रनों पर सिमट गयी. अपने प्रदर्शन से बुमराह ने 39 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया. मेलबर्न टेस्ट के दौरान शॉन मार्श के विकेट के साथ ही बुमराह एक इतिहास रचते हुए पहले ऐसे भारतीय गेंदबाज बन गए, जिन्होंने अपने डेब्यू कैलेंडर ईयर में 45 विकेट हासिल किया, हाँलाकि अभी आस्ट्रेलिया की एक पारी बाकी है. बुमराह ने पूर्व भारतीय गेंदबाज दिलीप दोशी का 39 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ा जब उन्होंने भारत की ओर से अपने डेब्यू कैलेंडर ईयर 1979 में 40 विकेट चटकाए थे. डेब्यू कैलेंडर ईयर में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों में जसप्रीत बुमराह व दिलीप दोशी के अलावे 1996 में वेंकटेश प्रासाद ने 37 विकेट, 1988 में नरेंद्र हिरवानी ने 36 विकेट और 2006 में एस. श्रीसंत ने 35 विकेट लिए थे.हाँलाकि दुनिया भर के गेंदबाज़ों में बुमराह चौथे पायदान पर हैं, 1981 में डेब्यू करते हुए ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाज़ टैरी एल्डरमैन ने 54 विकेट लिए थे. 1988 में कर्टनी एम्ब्रोज ने 49 विकेट जबकि 2010 में डेब्यू करते हुए इंग्लैंड के स्टीवन फिन ने 46 विकेट चटकाए थे. बुमराह ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी में फिन और एम्ब्रोज के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ सकते हैं. साथ ही बुमराह ने कर दिखाया है जो उनसे पहले कोई एशियाई गेंदबाज़ नहीं कर पाया था. एक ही कैलेंडर साल में बुमराह ने ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका में पारी में पांच विकेट चटकाया. इसी साल जोहानिसबर्ग में 54 रन देकर पांच विकेट लेने के बाद ट्रेंट ब्रिज में 85 रन देकर पांच विकेट लिए थे और अब मेलबर्न में 33 रन देकर छह विकेट. बुमराह के साथ ही भारतीय टीम ने भी गेंदबाज़ी का एक न्य रिकॉर्ड अपने नाम किया. इस साल भारत के गेंदबाजों ने टेस्ट क्रिकेट में अबतक (28 दिसम्बर) कुल 252 विकेट (औसत 24.83) झटकर अपना ही 39 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया है. इससे पहले भारत के गेंदबाजों ने एक कैलेंडर ईयर में 1979 में कुल 249 (औसत 31.77) विकेट निकाले थे. वर्ष 2002 में भारतीय गेंदबाजों ने 33.20 के औसत से 241 विकेट चटकाए थे. ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी 151 रनों पर ध्वस्त होने के बाद पहली पारी सात विकेट पर 443 रन बनाकर समाप्त घोषित करने वाले भारतीय कप्तान विराट कोहली ने ऑस्ट्रेलिया को फॉलोऑन नहीं दिया. दूसरी पारी खेलने उतरी भारतीय टीम ने तीसरे दिन का खेल समाप्त होने तक पांच विकेट पर 54 रन बनाए. भारत की कुल बढ़त 346 रनों की हो गई है. दूसरी पारी में भारत की बल्लेबाजी बेहद खराब रही. भारत के मिडिल ऑर्डर नंबर 3 से 6 नंबर तक के बल्लेबाजों ने मेलबर्न टेस्ट की दूसरी पारी में सिर्फ 6 रन बनाए, जो कि 72 साल पुराने शर्मनाक भारतीय रिकॉर्ड की बराबरी है. तब टीम इंडिया ने वर्ष 1946 में नवाब पटौदी की कप्तानी में इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर टेस्ट में बनाया था. इसके अलावे न्यूजीलैंड के विरुद्ध हैदराबाद में 3 से 6 नंबर तक के बल्लेबाजों ने 1969 में 9 रन तथा 9 रन ही वेस्टइंडीज के विरुद्ध अहमदाबाद में 1983 में बनाये थे. भारत ने मेलबर्न टेस्ट की दूसरी पारी में 28 रनों के स्कोर पर हनुमा विहारी, चेतेश्वर पुजारा और विराट कोहली के विकेट गंवाए, 32 के स्कोर पर अजिंक्य रहाणे और रोहित शर्मा 44 रन के स्कोर पर आउट हुए. पुजारा और कोहली तो खाता भी नहीं खोल सके. वहीं, रहाणे ने 1 रन और रोहित ने 5 रन बनाए. इस प्रकार टीम इंडिया के 3 नंबर से लेकर नंबर 6 तक के बल्लेबाजों ने मात्र 6 रन बनाए.
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