अनुपम खेर की अपकमिंग फिल्म ‘द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ का ट्रेलर रिलीज होत ही राजनैतिक बहस छिड़ गई है. कांग्रेस पार्टी के नेता अपना पक्ष रख रहे हैं तो वहीं फिल्म में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का किरदार निभाने वाले एक्टर अनुपम खेर ने भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना पक्ष रखा. डॉ मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार रहे संजय बारू की 2014 में प्रकाशित पुस्तक “द एक्सीडेंटल प्राइम मिनिस्टर : द मेकिंग एंड अनमेकिंग ऑफ मनमोहन सिंह” पर आधारित इस फिल्म में सोनिया गांधी का रोल जर्मन एक्ट्रेस सुजैन बर्नेट, राहुल गाँधी का रोल अर्जुन माथुर, प्रियंका गांधी का रोल अहाना कुमरा, मनमोहन सिंह की पत्नी गुरशरण कौर की भूमिका दिव्या सेठ और संजय बारू का रोल अक्षय खन्ना ने निभाया है. डायरेक्टर हंसल मेहता के साथ बतौर क्रिएटिव प्रोड्यूसर का काम कर रहे विजय रत्नाकर गुट्टे ने फिल्म का निर्देशन किया है. फिल्म का प्रोडक्शन बोहरा ब्रदर्स ने किया है और स्क्रिप्ट मयंक तिवारी ने लिखी है. ग्यारह जनवरी 2019 को रिलीज होने वाली इस फिल्म में एपीजे अब्दुल कलाम, प्रणब मुखर्जी, नटवर सिंह, पीवी नरसिम्हा राव, ज्योति बसु, सुषमा स्वराज, अमर सिंह, कपिल सिब्बल, विनोद मेहता, सीताराम येचुरी, ए. राजा, लालू प्रसाद, मायावती, अजित पिल्लई, शिवराज पाटिल, अर्जुन सिंह और उमा भारती जैसे नेताओं के किरदार भी शामिल हैं. इन सभी किरदारों में कुल 140 एक्टर फिल्म में नजर आएंगे. फिल्म के ट्रेलर ने रिलीज होते ही धमाल मचा दिया और इसे 24 घंटे में एक करोड़ से ज्यादा बार देखा गया. फिल्म में एक से बढकर एक डायलाग हैं- ‘महाभारत में दो फैमिलीज थीं, इंडिया में तो एक ही है.’ ‘एक के बाद दूसरा करप्शन स्कैंडल, ऐसे माहौल में राहुल कैसे टेकओवर कर सकता है?’ ‘अगर आप पाकिस्तान के साथ शांति समझौता करेंगे तो नए प्राइम मिनिस्टार क्या करेंगे?’ ‘ये न्यूक्लियर डील की लड़ाई, हमारे लिए तो पानीपत की लड़ाई से भी बड़ी थी.’ ‘पीएम के लिए काम करता हूं, पार्टी के लिए नहीं.’ ‘मुझे कोई क्रेडिट नहीं चाहिए, मुझे अपने काम से मतलब है क्योंकि मेरे लिए देश पहले आता है.’ ‘मुझे तो डॉक्टर साहब भीष्म जैसे लगते हैं, जिनमें कोई बुराई नहीं है पर फैमिली ड्रामा के विक्टिम हो गए.’ संजय बारू की जब यह पुस्तक आयी थी तब भी किताब का कंटेट कांग्रेस को नागवार गुजरा था. अब उसपर बनी फिल्म से भी वो नाखुश है. हालांकि कांग्रेस फिल्म रोकने की बात सीधे- सीधे नहीं कर रही, लेकिन इसकी टाइमिंग पर सवाल उठाते हुए उसका कहना है कि ये फिल्म बीजेपी का झूठा प्रोपेगेंडा है. डॉक्टर मनमोहन सिंह ने 2004 से 2014 तक देश की कमान संभाली, इस दौरान विपक्षी पार्टियों ने उन्हें रिमोट कंट्रोल वाला प्रधानमंत्री बताया था. मनमोहन सिंह पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के कहने के अनुसार काम करने के आरोप लगाये जाते थे. कांग्रेस का कहना है कि इसमें सोनिया गांधी की छवि को गलत तरीके से पेश किया गया है. कांग्रेस स्थापना दिवस पर जब पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से फिल्म के ट्रेलर पर टिप्‍पणी मांगी गई, तब उन्‍होंने कुछ भी कहने से इनकार करते हुए एक बार फिर मौन रहकर बहुत कुछ कह दिया. कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता और सांसद पीएल पूनिया ने फिल्म के ट्रेलर को भाजपा के ट्विटर हैंडल से ट्वीट किए जाने के सवाल पर कहा कि- ‘यह भारतीय जनता पार्टी का खेल है. भाजपा जानती हैं कि उनके कार्यकाल के पांच साल खत्म होने को हैं और जनता को दिखाने के लिए उनके पास कुछ नहीं है, इसलिए वे ध्यान बंटाने के लिए ऐसी तरकीबें अपना रहे हैं. लेकिन इससे कुछ हल होने वाला नहीं है. उधर महाराष्ट्र यूथ कांग्रेस सहित अन्य स्थानों पर कांग्रेसी नेताओं ने फिल्म को लेकर विरोध जताया. उनकी मांग है कि फिल्म रिलीज से पहले उन्हें दिखायी जाए. फिल्म को लेकर मध्य प्रदेश कांग्रेस में एक राय नहीं दिखती, कांग्रेस के मीडिया प्रभारी नरेंद्र सलूजा का कहना है कि भाजपा द्वारा प्रायोजित ऐसी घटिया फिल्मों पर न तो हमने प्रतिबंध की बात की है, और न ही प्रतिबंध लगाकर उसे प्रचार दिलाना चाहते हैं. इस तरह की फिल्मों की सच्चाई देश की जनता जानती है. वहीं प्रदेश मीडिया विभाग के उपाध्यक्ष सैयद जफर ने कहा कि वह इस तरह की फिल्मों के प्रदर्शन के पक्ष में नहीं है. कांग्रेस ऐसी फिल्म का प्रसारण नहीं होने देगी. फिल्‍म में मनमोहन सिंह का किरदार निभा रहे अनुपम खेर का कहना है कि फिल्‍म के विरोध का कोई मतलब नहीं है, जितना विरोध होगा, उतनी ही फिल्‍म को पब्लिसिटी मिलेगी. फिल्‍म की कहानी 2014 में ही आई किताब पर आधारित है, तब कोई विरोध क्‍यों नहीं किया गया? हाल ही में राहुल गांधीजी का ट्वीट आया था, जिसमें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर उन्‍होंने बोला था. इसलिए मुझे लगता है कि राहुल गांधी को अब फिल्‍म का विरोध कर रहे, लोगों को डांटना चाहिए क्‍योंकि वे गलत कर रहे हैं. फिल्‍ममेकर मधुर भंडारकर ने कहा कि वह पहले भी ऐसी परिस्थिति देख चुके हैं. उन्‍होंने ट्वीट कर कहा- पिछले साल मेरी आपातकाल पर आधारित फिल्‍म ‘इंदु सरकार’ का भी पूरे देश में विरोध हुआ था. ‘द एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ एक पुस्‍तक पर आधारित है, जब पुस्‍तक पर विवाद नहीं हुआ, तो फिल्‍म पर क्‍यों हो रहा है? भारतीय जनता पार्टी ने अपने ट्विटर हैंडल पर फिल्‍म का ट्रेलर शेयर कर कांग्रेस पर हमला करते हुए लिखा कि- ‘इस फिल्‍म की कहानी बताती है कि कैसे एक परिवार ने दस सालों तक देश को बंधक बनाकर रखा था. क्या डॉक्‍टर मनमोहन सिंह सिर्फ इसलिए तब तक प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठे थे, जब तक उनका राजनीतिक उतराधिकारी तैयार न हो जाए? सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री राज्यवर्द्धन सिंह राठौर ने फिल्म का ट्रेलर भाजपा के हैंडल से पोस्ट किए जाने के सवाल पर कहा कि क्या हम किसी फिल्म को बधाई या शुभकामनाएं नहीं दे सकते? अपनी इच्‍छा जाहिर नहीं कर सकते? स्वतंत्रता की पक्षकार रही कांग्रेस अब उसी स्वतंत्रता पर सवाल क्यों उठा रही है?’
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