प्रयागराज में संगम तट पर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विश्व कल्याण, देश में शांति और निर्विघ्न कुम्भ के लिए पूजा कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुंभ से जुड़े कार्यों का जायजा लिया और कुंभ के कंट्रोल एंड कमांड सेन्टर का लोकार्पण करने के बाद जनसभा को संबोधित किया. प्रधानमंत्री मोदी ने तीर्थराज के जन जन को सादर प्रणाम करते हुए कहा कि प्रयागराज तप, तपस्या और संस्कार की धरती है. देश वासियों को खुशखबरी देता हूँ की सभी श्रद्धालु यहाँ अक्षयवट व सरस्वती कूप के दर्शन कर सकेंगे. न्याय के मंदिर प्रयागराज के सड़कों की स्थिति में सुधार हुआ है, शहर के बड़े फ्लाईओवर, रेलवे-ओवरब्रिज और अंडरपास, बिजली व पेयजल की विकास परियोजनाओं से यहाँ की कनेक्टिविटी बढ़ेगी. गंगा के घाटों को सुंदर बनाया गया है, कुंभ के दौरान सफाई के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जायेगा. मां गंगा को स्वच्छ और अविरल रखने पर जोर दिया जा रहा है. संगम पर कल ही 70 देशों का झंडा फहराया गया, ऐसे प्रयास कुंभ को वैश्विक पहचान दिलाएंगे. शायद पहला मौका होगा जब कुंभ में जल, थल व नभ से यात्री आ सकेंगे. दुनिया के देशों के लिए भारत एक बड़ा टूरिस्‍ट डेस्टिनेशन बन गया है, शादी के लिए विदेशी लोग भारत को पसंद करने लगे है. जब कुंभ के लिए दुनिया जुटेगी तब काशी में प्रवासी भारतीयों का मिलन भी होगा. मैंने अर्ध कुंभ में आने के लिए दुनिया भर को न्योता दिया है.आखिर अब मैं भी तो उत्तर प्रदेश वाला ही हूँ. प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस के सर्वोच्य नेताओं ने जनमत का अपमान करने और बल- छल के दम पर संवैधानिक संस्थाओं को बर्बाद करने का काम किया है. कांग्रेस स्वार्थ के आगे न देश का हित देखती है, न लोकतंत्र का. कांग्रेस का इतिहास जितना काला है, वर्तमान उतना ही कलंकित है, ये लोग हर संस्था को बर्बाद करने का प्रयास करने के बाद अब लोकतंत्र की दुहाई दे रहे हैं. ये साबित कर रहा है कि ये खुद को देश, लोकतंत्र, न्याय-पालिका और यहां तक कि आम लोगों से भी अपने को ऊपर समझते हैं. मोदी ने कहा कि देश पर सबसे ज्यादा समय तक शासन करने वाली पार्टी ने हमेशा ही खुद को हर कानून, न्याय-पालिका, संस्था और यहां तक कि देश से भी ऊपर माना है. देश की हर उस संस्था को इस पार्टी ने बर्बाद कर दिया जो उसकी मर्जी से नहीं चली, उसके इशारों पर काम करने या झुकने को तैयार नहीं हुई. इसके नेताओं ने न्यायपालिका को कमजोर किया और अपने हिसाब से मोड़ा. इसके एक नेता ने एक जज से कहा था कि क्या वह नहीं चाहते कि उनकी पत्नी करवा चौथ मनाये? जजों को डराना, धमकाना कांग्रेस की पुरानी सोच का हिस्सा है. जो हाल ही में चीफ जस्टिस के खिलाफ महाभियोग लाई और दो दिन पहले भी हम इसका एक और उदाहरण देख चुके हैं. PM ने सर्वप्रथम हाथ में नारियल लेकर गंगा नदी की आराधना की, त्रिवेणी का अभिषेक किया, यमुना तट से लगे अकबर के किले के अंदर सैन्य अधिकारियों के साथ कल्पवृक्ष कहलाने वाले अक्षयवट पहुंचे जहाँ उन्हें स्मृति चिह्न भेंट किया गया. अखाड़ों के पदाधिकारियों, संतों ने भेंट के दौरान PM को शॉल ओढ़ाया. प्रयागराज में कुंभ मेले का आरंभ 15 जनवरी 2019 से होगा. मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करते हुए कहा कि पहली बार कोई प्रधानमंत्री सनातन आस्था का सम्मान करने आया है. सैकड़ों वर्ष से बंद अक्षयवट को आम जनता के लिए खोलने की अनुमति प्रधानमंत्री जी ने दी है, यह ऐतिहासिक है. प्रधानमंत्री की भव्य व दिव्य कुंभ की सोच के प्रयासों से इसे विश्व के सांस्कृतिक धरोहर के रूप में मान्यता मिली. डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने PM मोदी, मुख्यमंत्री योगी व राज्यपाल राम नाईक को कुंभ कलश सौंपने के बाद कहा कि स्वतंत्र भारत के इतिहास में पहली बार PM ने कुंभ के लिए खजाना खोला है, उससे सब गदगद हैं. इस अवसर पर PM ने कुल 4048 करोड़ रुपया की लागत से बनीं 355 योजनाओं का लोकार्पण किया. रेलवे ने इस बार कुंभ मेले के लिए 700 करोड़ रुपये की लागत से 41 परियोजनाएं शुरू की हैं जिनमें 29 पूरी हो चुकी हैं. इलाहाबाद जंक्शन पर चार बड़े अहातों का निर्माण किया गया है, जिनमें 10,000 तीर्थयात्रियों को वेडिंग स्टॉल, पानी के बूथ, टिकट काउंटर, एलसीडी टीवी, सीसीटीवी, महिलाओं और पुरुषों के लिए शौचालय हैं. कुंभ के दौरान विभिन्न स्टेशनों से करीब 800 विशेष ट्रेन चलाने का भी प्रस्ताव है.
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