गैस उत्पादन पर ध्यान केंद्रित करने के लिये कतर ने ओपेक से अलग होने का फैसला कर लिय है. उसका यह फैसला भविष्य में भारत के लिए अच्‍छा साबित हो सकता है. वैश्विक स्तर पर अमेरिका को दुनिया का सबसे ताकतवर देश माना जाता है पर कतर, लक्ज़मबर्ग, सिंगापुर, नार्वे, ब्रूनेइ्र दारएस्सलाम और हांगकांग आर्थिक रूप से अमेरिका से काफी ज्यादा ताकतवर हैं. दुनिया के कई मुल्कों को अपने फायदों के लिए अमेरिका भले ही कर्ज के रूप में बड़ी धनराशि देता हो पर उसे स्वयं इन देशों से कर्ज लेना पड़ता है. कतर 20 लाख से भी कम आबादी वाला दुनिया का सबसे अमीर देश है, जिसकी कुल जीडीपी 182 बिलियन डॉलर है. ओपेक में अपनी पैंठ बनाने के लिए दुनिया के सारे देश लालायित रहते हैं. कतर ने 57 वर्षों बाद ओपेक से अलग होने का फैसला लेकर कई देशों को चौका दिया है. इस फैसले का असर भविष्‍य में सामने आयेगा. 1961 से ओपेक में शामिल कतर ने यह फैसला गैस उत्पादन पर ध्यान केंद्रित करने के लिये लिया है, यह फैसला जनवरी 2019 से प्रभावी होगा. इसके दुष्‍प्रभावों को लेकर अभी से कुछ देशों में उदासी छा गई है, दूसरी ओर यह भारत के लिए अच्‍छा साबित हो सकता है. कतर का ताजा फैसला अपना उत्‍पादन बढ़ाने के मद्देनजर लिया गया है. यदि भविश्य में ओपेक तेल उत्‍पादन में कटौती का फैसला लेता है तो भारत कतर से तेल खरीद का फैसला स्‍वतंत्र रूप से ले सकता है. आने वाले समय में भारत अपनी तेल की मांग पूरी करने के लिए उसकी तरफ रुख कर सकता है. भारत जिस तरह से लिक्‍विड नेचुरल गैस की तरफ बढ़ रहा है उसमें भी वह कतर से सौदा कर सकता है और इसमें भी कतर भारत के लिए फायदेमंद रहेगा. हाँलाकि तेल के अलावा भारत के कतर के साथ ज्यादा व्यापारिक रिश्ते नहीं हैं, लेकिन भविष्‍य में इसमें बदलाव देखने को जरुर मिलेगा. कतर विश्व में द्रवीकृत प्राकृतिक गैस का सबसे बड़ा निर्यातक है, नेचुरल गैस प्रोडक्शन में इसकी 30% हिस्सेदारी है. कच्‍चे तेल में कतर के लिए अब अधिक संभावनाएं नहीं बची हैं, जबकि गैस उत्‍पादन में उसके लिए काफी संभावना है. कतर के ओपेक से अलग होने की एक वजह सऊदी अरब से उसका बिगड़ता रिश्‍ता भी है और दूसरी ओर ओपेक में सऊदी अरब का ही दबदबा चलता है. हाँ, सऊदी अरब का साथ देने वाला अमेरिका कतर पर प्रतिबंध लगा सकता है पर भारत और कतर तेल या गैस सौदे में करीब आते हैं तो अमेरिका द्वारा इस पर नकारात्‍मक फैसला लेने की संभावना कम दिखती है.
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