विदेशों में जमा कालाधन वापस लाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा किये जा रहे प्रयासों ने रंग दिखाना शुरू कर दिया है और इस क्रम में आयकर विभाग को लगभग 70 देशों से कालेधन की जानकारी मिली है. विभाग को विदेशी लेनदेन से जुड़ी 30 हजार से ज्यादा जानकारियां मिली हैं, जिनमें कई संदिग्ध बताई जा रही हैं. विभाग ने इन संदिग्ध लेनदेन के आलोक में करीब 400 लोगों को नोटिस भी भेजा है. वित्तीय सूचनाओं के स्वत: आदान-प्रदान के करार के तहत अलग-अलग देशों से विभाग को सितंबर में मिली जानकारियों की गहन छानबीन शुरू हो चुकी है. ज्ञात है कि पिछले वर्षों में अलग-अलग देशों के साथ भारत ने वित्तीय जानकारी साझा करने के अनुबंध किए हैं, जिससे यह जानकारियां मिल रही हैं. हालांकि लेनदेन की सभी जानकारी कालेधन की श्रेणी में होंगे, ऐसा मानना उचित नहीं होगा. विदेशों से हुए वित्तीय लेनदेन का मिलान संबंधित आयकर रिटर्न से किया जा रहा है. इसमें एनआरआई और अरबों की संपत्ति के मालिक हाई नेटवर्थ इंडीविजुअल भी शामिल हैं. जिनके रिटर्न और लेनदेन में तालमेल नहीं दिख रहा है, उन्हें नोटिस भेजे जाने शुरू हो गए हैं. जिसका संतोष जनक जवाब नहीं देने पर सख्त कार्रवाई होगी. भारत अब तक 80 से ज्यादा देशों के साथ वित्तीय लेनदेन की जानकारी साझा करने का करार कर चुका है, इसमें स्विट्जरलैंड से 21 दिसंबर 2017 को करार हुआ था. इसके तहत जनवरी 2019 से जानकारी मिलनी शुरू हो जाएगी. विदेश में भारतीयों के कालेधन का सबसे बड़ा केंद्र बैंकिंग गोपनीयता को तवज्जो देने वाला स्विट्जरलैंड माना जाता है. प्रधानमंत्री ने लगातार वैश्विक मंचों से कालेधन के खात्मे के लिए वित्तीय सूचनाओं के स्वत: लेनदेन को जरूरी बताया और काफी मशक्कत के बाद स्विट्जरलैंड इसके लिए राजी हुआ. विदेशों में वित्तीय लेनदेन के मामले में दिल्ली, मुंबई और दक्षिण के राज्य सबसे आगे हैं. यहां रहने वाले या यहां से जुड़े लोगों को सबसे ज्यादा नोटिस जारी हुए हैं. वैसे देश भर में जारी 400 नोटिसों में से अकेले उत्तर प्रदेश के 50 लोगों को नोटिस जारी करते हुए पूछा गया है कि उनके विदेश में खाते क्यों हैं और वहां निवेश या अन्य वित्तीय लेनदेन के लिए धन कहां से आया? विभागीय सूत्रों के अनुसार UP में सबसे ज्यादा करीब ढाई दर्जन नोटिस गौतमबुद्ध नगर में रहने वालों को जारी किये गये हैं. हाँलाकि उत्तर प्रदेश में जारी नोटिस ज्यादा बड़ी धनराशि वाले नहीं हैं उनमें ज्यादातर विदेश में नौकरी करते हैं. उधर आयकर विभाग द्वारा दिल्ली के चांदनी चौक इलाके में मारी गयी छापेमारी में 25 करोड़ रुपए नगद और 100 लॉकर जब्त किए हैं, उनमें भी पैसे भरे हुए थे. चांदनी चौक के नया बाजार की एक छोटी सी ड्राई फ्रूट्स और साबुन के दुकान के बेसमेंट में करीब 100 प्राइवेट लॉकर्स मिले. विभाग को वहां हवाला रैकेट चलाने की जानकारी मिली थी. जिसके बाद पंहुची IT की टीम के हाथ 25 करोड़ रुपए नगद लगे. इसके अलावा वहां 100 लॉकर्स भी थे जिनमें पैसे भरे हुए थे. विभाग ने दिल्ली में अन्य जगहों पर भी छापेमारी की है. माना जाता जाता है कि सभी छापेमारी हवाला रैकेट के कारोबारियों के यहाँ हुई है.
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