जी-20 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वित्तीय अपराध को दुनिया के लिए बड़ा खतरा बताया और इसके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए 9 सूत्रीय एजेंडा दुनिया के सामने रखा. साथ ही संयुक्त राष्ट्र के आतंकरोधी नेटवर्क को और ज्यादा मजबूत करने का सुझाव दिया. मोदी ने शिखर सम्मेलन से इतर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे समेत कई राष्ट्रध्यक्षों के साथ वैश्विक और बहुपक्षीय हितों के बड़े मुद्दों पर चर्चा भी की. जी-20 में कालेधन के मुद्दे को प्रमुखता से रखते हुए PM मोदी ने कालेधन के खिलाफ सभी देशों को एकजुट होने की बात कही. इस दौरान उन्होंने भगोड़े आर्थिक घोटालेबाजों का भी जिक्र किया. उन्होंने आतंकवाद का मुद्दा उठाते हुए कहा कि इस समय आतंकवाद के खतरे का सामना पूरी दुनिया कर रही है. PM ने अर्थव्यवस्था के आधुनिकीकरण और समावेशी विकास को बढावा देने के लिए उनकी सरकार द्वारा लागू की गई प्रधानमंत्री जनधन योजना, मुद्रा और ‘स्टार्ट अप इंडिया’ जैसी प्रमुख योजनाओं का जिक्र भी किया. जी-20 विश्व की 20 प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं का एक समूह है. जी 20 शिखर सम्मेलन से इतर राजनेताओं की हुई बैठक में मोदी ने कहा कि दुनिया भर के देशों को आतंकवाद और आर्थिक अपराधों से निपटने के लिए एकजुट होना चाहिए. यह आज की जरूरत है. हमें आतंकवाद, कट्टरवाद और वित्तीय अपराधों के खिलाफ मिलकर कदम उठाना ही होगा.’ PM मोदी ने सम्मेलन से इतर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और जापानी प्रधानमंत्री शिंजो आबे के साथ पहली त्रिपक्षीय बैठक की. यह बैठक रणनीतिक महत्व के हिंद- प्रशांत क्षेत्र में चीन के शक्ति प्रदर्शित करने के मद्देनजर काफी मायने रखती है. यहाँ मोदी ने साझा मूल्यों पर साथ मिलकर काम जारी रखने पर जोर देते हुए कहा कि यह बैठक तीन राष्ट्रों की दूरदृष्टि का समन्वय है और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति समर्पित है. उन्होंने “JAI” (जापान, अमेरिका, भारत) की बैठक को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि JAI का अर्थ सफलता है. मोदी, ट्रंप और आबे बहुपक्षीय सम्मेलनों में त्रिपक्षीय प्रारूप में बैठक करने के महत्व पर सहमत होते हुए संपर्क, सतत विकास, आतंकवाद निरोध और समुद्री एवं साइबर सुरक्षा जैसे वैश्विक एवं बहुपक्षीय हितों के सभी बड़े मुद्दों पर तीनों देशों के बीच सहयोग पर जोर दिया. तीनों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय कानून एवं सभी मतभेदों के शांतिपूर्ण हल पर मुक्त, खुला, समग्र और नियम आधारित व्यवस्था की ओर आगे बढ़ने पर अपने विचार साझा किए. अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने बैठक में भारत के आर्थिक विकास की सराहना करने के साथ ही कहा कि ये तीनों देशों के बीच सबसे मजबूत संबंधों का दौर है. ट्रंप ने कहा कि भारत और जापान से संबंध किसी भी दौर में इतने मजबूत नहीं रहे, साथ ही उन्होंने स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप की बात भी रखी. जापानी प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि वह प्रथम ‘जेएआई त्रिपक्षीय’ में भाग लेकर खुश हैं. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की पहल पर PM मोदी ने पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से भी त्रिपक्षीय मुलाकात की. इस अहम मुलाकात में PM मोदी ने अपने दोनों समकक्ष नेताओं से कहा कि दुनिया की एक तिहाई आबादी वाले इन तीनों देशों को बहुत से मुद्दों पर अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी. PM मोदी ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन, इटली के प्रधानमंत्री ग्यूसेप कोंते, ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरेसा मे, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, सऊदी अरब के वली अहद मोहम्मद बिन सलमान और संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस से अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें भी की. मोदी ने चिली के राष्ट्रपति सेबस्टियन पिनेरा से मुलाकात के दौरान उनके साथ कारोबार, ऊर्जा, कृषि और स्वास्थ्य जैसे परस्पर हित के कई क्षेत्रों में सहयोग बढाने के तरीकों पर चर्चा की. बाद में मोदी ने अन्य वैश्विक नेताओं के साथ ‘जी20 अर्जेंटीना परिवार’ तस्वीर खिंचवाई.
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