एमनेस्‍टी इंटरनेशनल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया है कि PM मोदी ने मानवाधिकार की रक्षा का वचन दिया था लेकिन प्रधानमंत्री मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और ऐसे संगठनों को निशाना बना रहे हैं. संस्‍था ने पीएम मोदी पर बड़े आरोप लगाए हैं. एमनेस्टी इंटरनेशनल मानवाधिकारों के लिए काम करने वाली एक गैर सरकारी संस्‍था है. एमनेस्‍टी इंटरनेशनल ने प्रधानमंत्री पर आरोप लगाते हुए कहा है कि भारत जैसी बड़ी शक्ति को मानवाधिकार की रक्षा करनी चाहिए. ताकतवार नेता इस तरह से परेशान नहीं करते हैं. संस्था ने एक वीडियो भी ट्वीट करते हुए लिखा है कि भारत में मीडिया हाउस पर छापे पड़ रहे हैं और कार्यकर्ताओं को परेशान किया जा रहा है. एमनेस्टी ने सवाल किया कि क्या सियोल शांति पुरस्कार से सम्मानित मोदी मानवाधिकार संगठनों को निशाना बना रहे हैं? ज्ञात है कि इसी वर्ष 25 अक्टूबर को एमनेस्टी के बेंगलुरु स्थित ऑफिस पर फेमा के तहत धोखाधड़ी के आरोप में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छापेमारी की थी. ED के अधिकारियों ने कहा था कि विदेशी अंशदान नियमन अधिनियम (FCRA) के धन से संबंधित NGO के खातों की केंद्रीय गृह मंत्रालय की पहले से चल रही जांच के संदर्भ में फेमा के संभावित और कथित उल्लंघन की पड़ताल कर रही है. इसके कुछ समय पूर्व पर्यावरण के क्षेत्र में काम करने वाली संस्था ग्रीनपीस और उससे जुड़़ी संस्था के दर्जन भर से अधिक खाते फ्रीज किए थे.
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