रेलवे की तरफ से यात्रियों को कई अधिकार मिलते हैं। लेकिन इन अधिकारों के बारे में जानकारी न होने से यात्रियों को कई मुश्किलों से गुजरना पड़ता है। ऐसे में आईए, जानते हैं उन अधिकारों के बारे में जिनसे आपका सफर शानदार हो सकता है। आपके टिकट पर परिवार के सदस्य ऐसे कर सकते हैं यात्रा: अगर आपके पास रेलवे का कन्फर्म टिकट है और किसी कारण सफर नहीं कर सकते, तो उस टिकट पर आपका रक्तसंबंधी यानी ब्लड रिलेशन वाला परिवार का सदस्य यात्रा कर सकता है। इनमें माता-पिता, भाई, बहन, बेटा, बेटी और प|ी शामिल हैं। आपको टिकट ट्रांसफर करना होगा। इसके लिए यात्रा से 24 घंटे पहले चीफ रिजर्वेशन सुपरवाइजर को आवेदन देना होगा। ले सकते हैं डुप्लीकेट टिकट: अगर आपने रिजर्वेशन काउंटर पर टिकट बुक कराया है, तो उसकी डुप्लीकेट कॉपी ले सकते हैं। इसके लिए नजदीकी कंप्यूटराइज्ड सेंटर पर जाना होगा। यह सुविधा सिर्फ कन्फर्म टिकट पर मिलती है। हालांकि इसके लिए आपको नाममात्र का चार्ज भी देना होगा। यात्रा का स्टेशन बदल सकते हैं : ई-टिकट बुक करने पर 24 घंटे पहले यात्रा शुरू करने का यानी बोर्डिंग स्टेशन बदल सकते हैं। लेकिन ध्यान रखें, कि यह सिर्फ एक बार ही किया जा सकता है। अनारक्षित टिकट पर रिजर्वेशन कोच में सफर: आप अनारक्षित टिकट पर भी रिजर्वेशन वाले डिब्बे में सफर कर सकते हैं। हालांकि इसके लिए सीट खाली होनी चाहिए। इसमें सिर्फ रिजर्व्ड टिकट लेने के लिए पैसे देने पड़ते हैं। लेकिन ध्यान रखें कि सीट खाली न होने पर आप इसमें बैठते हैं, तो जुर्माना वसूला जाएगा जिसके बदले सीट भी नहीं मिलेगी। नि:शुल्क फर्स्ट एड: हर ट्रेन में निशुल्क फर्स्ट एड बॉक्स की सुविधा होती है। स्वास्थ्य परेशानी होने पर आप टीटीई या ट्रेन के कर्मचारी से ले सकते हैं। संक्रामक रोग से ग्रस्त मरीज पर रोक: संक्रामक रोग से ग्रस्त व्यक्ति रेलवे अधिकारी की आज्ञा के बिना यात्रा नहीं कर सकता। अधिकारी अलग स्थान का प्रबंध करेगा तथा रेलवे की शर्तों का भी पालन करेगा। यदि कोई ऐसा व्यक्ति बिना आज्ञा के सफर करता है तो उसका टिकट जब्त कर लिया जाएगा तथा उन्हें रेल से उतार दिया जाएगा। 500 किमी की यात्रा पर मिलेगा फायदा: अगर आप 500 किमी से ज्यादा लंबी यात्रा कर रहे हैं, तो बीच में दो दिन यात्रा रोककर फिर आगे की यात्रा कर सकते हैं। पहला ब्रेक कम से कम 300 किमी की यात्रा के बाद होना चाहिए। ऐसे करें शिकायत: Â रेलवे से जुड़ी शिकायत वेबसाइट http://www.coms.indianrailways.gov.in/ पर कर सकते हैं। यात्री SMS, कॉल या ट्विटर हैंडल के जरिए भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। Â आप 138 पर कॉल करके भी अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। Â आपको अगर सुरक्षा से जुड़ी कोई शिकायत दर्ज करानी है तो आप 182 पर भी कॉल कर सकते हैं। Â आप +919717680982 पर अपनी शिकायत को SMS भी कर सकते हैं। Â इन सबके बाद एक आखिरी तरीका बचता है अपनी शिकायत को ट्विट करने का। इसके लिए आप @RailMinIndia पर ट्विट कर सकते हैं। अगर आप रेल से सफर करने जा रहे हैं तो अपने अधिकारों के बारे में जानकारी होनी जरूरी है। आप जरूरत पड़ने पर इन अधिकारों का इस्तेमाल कर सकते हैं। इन अधिकारों की जानकारी रेलवे की आधिकारिक आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर भी दी गई है। तत्काल टिकट पर विशेष स्थिति में रिफंड का भी प्रावधान आमतौर पर आप रेलवे का कन्फर्म तत्काल टिकट कैंसल नहीं कर सकते। लेकिन कुछ विशेष परिस्थितियों में यात्रियों को तत्काल टिकट के बदले रिफंड का भी प्रावधान किया गया है। इन स्थितियों में ले सकते हैं रिफंड: Â अगर ट्रेन तीन घंटे से ज्यादा लेट होती है और आप उसमें सफर नहीं करते। Â बंद, रेल रोको और बाढ़ समेत अन्य किसी वजह से ट्रेन कैंसल होती है तो रिफंड मिलेगा। Â ट्रेन को बदले हुए यानी डायवर्टेड रूट पर चलाया जाता है और आपका स्टेशन उस रूट पर नहीं पड़ता तो रिफंड देना होगा। Â अगर आपका टिकट वातानुकूलित श्रेणी यानी एसी क्लास का है और आपको स्लीपर क्लास में सफर करना पड़ रहा है तो रिफंड क्लेम कर सकते हैं। Â एसी कोच में एसी खराब होने की स्थिति में।
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