लालू यादव ने आपने बड़े बेटे तेजप्रताप यादव के नाम से एक पेट्रोल पम्प का आवंटन कराया है, लेकिन जब इस पेट्रोल पम्प का आवंटन हुआ उस समय तेजप्रताप यादव के पास ज़मीन नहीं थी. विपक्ष के नेता सुशील मोदी ने आरोप लगाया कि तेजप्रताप को आवंटन 2011 में तब की केंद्र सरकार ने किया था और लालू यादव के दबाव में ज़मीन के अनिवार्यता पूरी नहीं करने के बावजूद पेट्रोल पंप दे दिया गया. सुशील मोदी ने कहा कि अब जहां यह पेट्रोल पम्प बन रहा हैं वह ज़मीन लीज़ पर तेजस्वी यादव को दी गई है. तेजस्वी यादव को ये ज़मीन अमित कत्याल नामक उसी व्यक्ति ने दी जिसने दिल्ली में फ्रेंड्स कालोनी में उन्हें घर दिया था. भाजपा नेता ने सवाल उठाया की तेजप्रताप यादव ने पेट्रोल पम्प का आवंटन के समय ये शपथ पत्र पर दिया था की वे किसी राज्य और केंद्र से कोई वेतन या सुविधा नहीं लेंगे लेकिन, अभी तक स्वास्थ्य मंत्री बनने के बाद भी पेट्रोल पम्प उन्हीं के नाम से है. सुशील मोदी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मांग की की जैसे हरियाणा में जस्टिस ढींगरा आयोग बनाया गया उसी के तर्ज़ पर बिहार में लालू यादव की ज़मीन और अन्य कारोबार की जांच करने के लिए एक आयोग का गठन किया जाए. वहीं राष्ट्रीय जनता दल ने इन आरोपों को नकारते हुए सुशील मोदी पर उल्टे कई आरोप लगाए हैं. आजेडी प्रवक्ता मनोज झा ने कहा कि सुशील मोदी ने भी अपने शपथ पत्र में अपनी संपत्ती का ब्योरा सही नहीं दिया. उन्होंने कहा कि मोदी ने अपने शपथ पत्र में कई ऐसी कंपनियों में निवेश का ज़िक्र किया है जो या फ़र्जी हैं अथवा कई पहले बंद हो चुकी हैं.
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