न्यूयॉर्क : एक अमरीकी विश्वविद्यालय ने अंतरराष्ट्रीय पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों को वल्र्ड ट्रेड सेंटर पर हुए 9/11 के आतंकी हमले पर एक निबंध लिखने को कहा। उन्हें निर्देश दिया गया कि वे अल-कायदा के दृष्टिकोण से सोचते हुए यह लेख लिखें। इस निर्देश पर विवाद खड़ा हो गया है। आयवा स्टेट यूनिवर्सिटी में पढ़ाने वाले लेक्चरर जेम्स स्ट्रोहमैन ने विद्यार्थियों को यह निबंध लिखने के लिए कहा था। इस असाइनमेंट के बारे में निर्देश देते हुए छात्रों से कहा गया, आप एक ऐसा निबंध लिखें जिसमें 9/11 के हमले को आतंकियों के दृष्टिकोण से पेश किया जाए। दूसरे शब्दों में कहें, तो अल-कायदा या फिर कोई पश्चिमी देशों से बाहर का इतिहासकार इन हमलों की जिस तरीके से व्याख्या करेगा, उसी तरीके से सोचकर आप यह निबंध लिखिए। इसमें आगे बताया गया है, हम जानते हैं कि आतंकियों के दृष्टिकोण का समर्थन नहीं करते हैं, लेकिन इसकी परवाह मत कीजिए। इस कार्य का मकसद यह है कि आप किसी घटना के बारे में बिल्कुल विपरीत विचारधारा से सोच सकें। विवि ने किया प्रोफेसर का बचाव विश्वविद्यालय के प्रवक्ता ने कहा कि इसका लक्ष्य घटना को कम करके आंकना नहीं है बल्कि छात्रों में अलग-अलग नजरिया विकसित करना है। 500 शब्दों में लिखना था निबंध छात्रों से कहा गया कि वे अपने पेपर को दिलचस्प बनाएं। यह निबंध 500 शब्दों में लिखना था। निबंध को लिखने का एक निर्देश यह भी दिया गया था कि विद्यार्थी यह याद रखें कि इस सवाल का कोई सही जवाब नहीं है और यह बस एक विपरीत सोच-विचारधारा की कल्पना करने से जुड़ी चुनौती है। कई लोगों ने इस असाइनमेंट को शर्मनाक बताया है। एक ने लिखा, तो फिर यहूदियों पर अत्याचार करने की हिटलर की मानसिकता और उसके दृष्टिकोण को भी समझते हैं।
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